मेरे साईं की इन आँखों की चमक ,
जहाँ की हर दीवाली पर भारी पड़ती है,
गहराई है इन मे इतनी,
गीता के श्लोको में भी क्या होगी
स्नेह से भरी है द्वारकामाई,
मेरी माँ की गोद सी लगती है


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